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नागपुर में ICD इम्प्लांटेशन डॉक्टर

ICD इम्प्लांटेशन (Implantable Cardioverter Defibrillator) उन मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जिनमें दिल की धड़कन तेज होने का इलाज, हार्ट फेलियर के शुरुआती संकेत या कार्डियक अरेस्ट से रिकवरी की आवश्यकता होती है। नागपुर में ICD इम्प्लांटेशन डॉक्टर और अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट इस जीवनरक्षक प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक और सुरक्षित तरीके से करते हैं। यह उपकरण हृदय की अनियमित धड़कनों (Arrhythmia) को पहचानकर तुरंत सही कर देता है, जिससे हार्ट अटैक के बाद की देखभाल और दिल की कमजोरी का इलाज प्रभावी होता है।

डॉ. सचिन पाटिल के बारे में

डॉ. सचिन पाटिल, MBBS, MD (Medicine), DM (Cardiology) नागपुर के सीनियर कंसल्टेंट एवं इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट हैं। वे ICD इम्प्लांटेशन डॉक्टर, दिल की धड़कन तेज होने का इलाज, हार्ट फेलियर का इलाज, कार्डियोमायोपैथी उपचार और हार्ट अटैक के बाद की देखभाल में विशेषज्ञ हैं। अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट और सीनियर कार्डियक सर्जन के रूप में वे किफायती हार्ट ट्रीटमेंट हॉस्पिटल और 24×7 कार्डियक इमरजेंसी हॉस्पिटल में मरीजों को सुरक्षित और उन्नत हार्ट केयर प्रदान करते हैं।

ICD इम्प्लांटेशन क्या है?

ICD इम्प्लांटेशन एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है जो छाती के नीचे या पेट के पास इम्प्लांट किया जाता है। इसका उद्देश्य हृदय की अनियमित धड़कन (Ventricular Tachycardia या Ventricular Fibrillation) को पहचानना और तुरंत इलेक्ट्रिक शॉक देकर सामान्य लय में लाना है। यह प्रक्रिया दिल के डॉक्टर और सीनियर कार्डियक सर्जन के नेतृत्व में होती है।

ICD इम्प्लांटेशन की आवश्यकता के कारण

ICD इम्प्लांटेशन की आवश्यकता कई कारणों से होती है:

  • हार्ट फेलियर – कमजोर हृदय मांसपेशियों के कारण अनियमित धड़कन।
  • कार्डियक अरेस्ट से रिकवरी – पहले से हृदय अटैक का अनुभव।
  • कार्डियोमायोपैथी उपचार – Dilated या Hypertrophic Cardiomyopathy में जोखिम।
  • जन्मजात हृदय रोगों का इलाज – बच्चों या वयस्कों में हृदय लय में समस्या।
  • हार्ट ब्लॉकेज का इलाज बिना सर्जरी – गंभीर arrhythmia के मामले।
ICD इम्प्लांटेशन के लक्षण और संकेत

निम्नलिखित लक्षण होने पर तुरंत हार्ट डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है:

  • अनियमित या तेज दिल की धड़कन
  • सांस फूलना या थकान महसूस होना
  • छाती में दर्द या दबाव
  • चक्कर आना या बेहोशी की स्थिति
  • हार्ट अटैक के संकेत जैसे पसीना आना, चिंता या कमजोरी
ICD इम्प्लांटेशन की प्रक्रिया

ICD इम्प्लांटेशन सर्जरी आम तौर पर 1-2 घंटे में पूरी होती है। प्रक्रिया के दौरान:

  • कार्डियक कैथेटराइजेशन प्रक्रिया द्वारा leads (तार) हृदय के अंदर डाली जाती हैं।
  • Device इम्प्लांटेशन छाती के नीचे किया जाता है।
  • ईसीजी टेस्ट, ईको टेस्ट, 3D ईकोकार्डियोग्राफी सेंटर और हार्ट स्कैन की मदद से उपकरण की सही स्थिति सुनिश्चित की जाती है।
  • टीएमटी टेस्ट, होल्टर मॉनिटर टेस्ट और स्ट्रेस ईको टेस्ट सेंटर का प्रयोग रिकवरी और फॉलो-अप के लिए किया जाता है।
  • कार्डियक एमआरआई और नियमित हार्ट हेल्थ के लिए डाइट चार्ट की सलाह दी जाती है।
ICD इम्प्लांटेशन के बाद देखभाल

सर्जरी के बाद मरीजों को उचित देखभाल की आवश्यकता होती है। इसमें शामिल हैं:

  • व्यायाम से हार्ट प्रॉब्लम कंट्रोल लेकिन डॉक्टर की सलाह अनुसार।
  • स्मोकिंग छोड़ने से दिल पर असर तुरंत दिखता है।
  • ब्लड प्रेशर को नैचुरली कंट्रोल करने के तरीके अपनाना।
  • डायबिटीज वाले लोगों के लिए हार्ट केयर आवश्यक है।
  • नियमित ईसीजी टेस्ट, ईको टेस्ट और हार्ट स्कैन
  • 24 घंटे हार्ट केयर सेंटर से फॉलो-अप और ऑनलाइन हार्ट डॉक्टर कंसल्टेशन की सुविधा।
ICD इम्प्लांटेशन के फायदे
  • अनियमित दिल की धड़कन को तुरंत नियंत्रित करना
  • हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से बचाव
  • दिल की कमजोरी का इलाज और हार्ट फेलियर के शुरुआती संकेत में राहत
  • जीवन की गुणवत्ता में सुधार
  • स्मोकिंग, मोटापा और डायबिटीज के जोखिम को कम करना
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. ICD इम्प्लांटेशन सुरक्षित है क्या?
हाँ, यह प्रक्रिया अनुभवी सीनियर कार्डियक सर्जन और हार्ट डॉक्टर द्वारा सुरक्षित तरीके से की जाती है।

2. सर्जरी के बाद कितने समय में मरीज सामान्य जीवन शुरू कर सकता है?
आमतौर पर 2-4 सप्ताह में सामान्य गतिविधियाँ शुरू की जा सकती हैं।

3. ICD क्या बच्चों में भी लगाया जा सकता है?
हाँ, जन्मजात हृदय रोगों वाले बच्चों में भी ICD इम्प्लांटेशन संभव है।

4. नागपुर में 24×7 कार्डियक इमरजेंसी उपलब्ध है क्या?
हाँ, 24×7 कार्डियक इमरजेंसी हॉस्पिटल और बेस्ट कार्डियोलॉजी क्लिनिक नियर मी उपलब्ध हैं।

5. ICD इम्प्लांटेशन के बाद फॉलो-अप कैसे किया जाता है?
मरीज को ऑनलाइन हार्ट स्पेशलिस्ट अपॉइंटमेंट, ईसीजी टेस्ट, ईको टेस्ट और नियमित हार्ट हेल्थ चेकअप से मॉनिटर किया जाता है।

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